Iran’s envoy Mohammad Fathali highlights strong India-Iran ties, ensuring safe passage for Indian ships amid Strait of Hormuz tensions. India also resumes Iranian oil imports after seven years, boosting energy security.
भारत में ईरान के राजदूत Mohammad Fathali ने भारत-ईरान संबंधों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारतीय जहाजों को लेकर ईरान और भारत सरकार के बीच अच्छे संबंध हैं और दोनों देश लगातार संपर्क में हैं।
राजदूत फतहाली ने कहा, “भारतीय जहाजों के लिए आप जानते हैं कि हमारे भारत सरकार के साथ अच्छे रिश्ते हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि ईरान के विदेश मंत्री ने भारत को अपने पांच करीबी मित्र देशों में शामिल किया है। उन्होंने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री और ईरान के राष्ट्रपति के बीच इस दौरान दो बार फोन पर बात हुई है, जबकि भारतीय विदेश मंत्री और ईरान के विदेश मंत्री लगातार संपर्क में है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब Strait of Hormuz को लेकर वैश्विक तनाव बना हुआ है और भारतीय जहाजों की आवाजाही एक अहम मुद्दा बनी हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने भारत के साथ संपर्क बनाए रखते हुए जहाजों के सुरक्षित आवागमन पर सहयोग का भरोसा दिया है।
भारत ने करीब सात वर्षों के अंतराल के बाद एक बार फिर Iran से कच्चे तेल का आयात शुरू किया है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत में ईरान से तेल लेकर दो बड़े टैंकर पहुंचे हैं, जिनसे कुल मिलाकर लगभग 20 से 40 लाख बैरल (2–4 million barrels) कच्चा तेल आयात किया गया है।
बताया जा रहा है कि यह आयात सीमित स्तर पर और विशेष परिस्थितियों में किया गया है। साल 2019 में अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते भारत ने ईरान से तेल खरीदना लगभग बंद कर दिया था। इससे पहले भारत ईरान से रोजाना करीब 5 लाख बैरल तक तेल आयात करता था, जो उसकी ऊर्जा जरूरतों का अहम हिस्सा था।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है। भारत अपनी तेल आपूर्ति को विविध स्रोतों से सुनिश्चित करने की रणनीति पर काम कर रहा है।हालांकि, फिलहाल यह आयात ट्रायल या अस्थायी स्तर पर माना जा रहा है। आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय हालात और प्रतिबंधों की स्थिति के आधार पर भारत-ईरान तेल व्यापार में बढ़ोतरी या कमी देखने को मिल सकती है।
ईरान ने यह भी साफ किया है कि भारतीय जहाजों से किसी तरह का शुल्क नहीं लिया गया है और दोनों देशों के बीच साझा हित और मजबूत साझेदारी बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत-ईरान के मजबूत संबंध ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं।
