West Bengal to roll out smart meters for nearly 20 million consumers from July 2026. Union Minister Manohar Lal reviews power reforms, urban infrastructure, metro projects, Swachh Survekshan, rooftop solar adoption and sanitation initiatives.
कई दशकों से देश के बाकी हिस्सों से पिछड़ने के बाद अब पश्चिम बंगाल में भी ढांचागत सुधार शुरु होने जा रहे हैं, केंद्रीय विद्युत एवं आवास एवं शहरी कार्य मंत्री Manohar Lal Khattar ने पश्चिम बंगाल में बिजली और शहरी विकास परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए राज्य में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, बिजली वितरण व्यवस्था में सुधार और शहरी स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की आगामी योजनाओं की जानकारी दी।
मंत्री ने घोषणा की कि पश्चिम बंगाल में स्मार्ट मीटर कार्यक्रम का अगला चरण जुलाई 2026 से शुरू किया जाएगा, जिसके तहत लगभग दो करोड़ बिजली उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर से जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि पहले चरण में सरकारी कार्यालयों और परिसरों में स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। इसके बाद बड़े उपभोक्ताओं को कवर किया जाएगा और फिर घरेलू उपभोक्ताओं तक इस योजना का विस्तार किया जाएगा।
उपभोक्ताओं को प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों विकल्प उपलब्ध होंगे। केंद्र सरकार प्रत्येक स्मार्ट मीटर पर 900 रुपये की सब्सिडी देगी, जबकि उपभोक्ताओं को स्थापना लागत के लिए लगभग 100 रुपये प्रतिमाह का योगदान करना होगा। मनोहर लाल ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य बिलिंग व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाना, बिजली हानि को कम करना तथा उपभोक्ताओं को विश्वसनीय और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में बिजली क्षेत्र में ट्रांसमिशन एवं डिस्ट्रीब्यूशन लॉस लगभग 12 प्रतिशत है। इस चुनौती से निपटने के लिए अगले दो महीनों में व्यापक स्रोत आवंटन योजना तैयार की जाएगी। साथ ही नई टैरिफ नीति और लंबित देनदारियों के समाधान पर भी काम किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि लगभग 800 करोड़ रुपये की सब्सिडी और बकाया राशि की वसूली की जाएगी, जबकि पिछले वर्षों में जमा हुए लगभग 15,000 करोड़ रुपये के घाटे के प्रबंधन की योजना भी बनाई जा रही है।
उन्होंने प्रधानमंत्री की Pradhan Mantri Surya Ghar Yojana का उल्लेख करते हुए कहा कि यह योजना 3 किलोवाट से कम क्षमता वाले रूफटॉप सोलर उपभोक्ताओं, विशेषकर ग्रामीण और घरेलू परिवारों को सस्ती एवं स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराने में मदद कर रही है। शहरी परिवहन के क्षेत्र में उन्होंने बताया कि मेट्रो रेल परियोजनाओं में केंद्र और राज्य सरकारें 15-15 प्रतिशत लागत वहन करेंगी, जबकि शेष 70 प्रतिशत राशि संस्थागत ऋण के माध्यम से जुटाई जाएगी। आमतौर पर 25 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में मेट्रो परियोजनाओं पर विचार किया जाता है।
मंत्री ने बताया कि शहरी अवसंरचना विकास के लिए अर्बन चैलेंज फंड के तहत 40,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें केंद्र और राज्य सरकारें 10-10 हजार करोड़ रुपये का योगदान देंगी, जबकि शेष 20 हजार करोड़ रुपये वित्तीय संस्थानों से जुटाए जाएंगे।
स्वच्छता अभियानों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 के लिए पंजीकरण 15 जून 2026 तक खुले रहेंगे। इसके अलावा ‘स्वच्छा ऐप’ लॉन्च किया गया है, जिसके माध्यम से नागरिक जियो-टैग्ड फोटो अपलोड कर सफाई संबंधी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। स्थानीय निकाय तकनीकी प्लेटफॉर्म के माध्यम से शिकायतों की निगरानी और समाधान करेंगे।
मनोहर लाल ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में चिन्हित सभी पुराने कचरा डंप स्थलों का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण एक वर्ष के भीतर करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए केंद्र सरकार 550 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता उपलब्ध करा रही है।
