India’s electricity demand has surged to record levels amid extreme heatwaves in 2026. Rising AC usage, grid pressure, and power cuts highlight challenges in the energy sector.
India power demand 2026 : देश में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच बिजली की मांग ने नए रिकॉर्ड कायम कर दिए हैं। अप्रैल 2026 में भारत की अधिकतम बिजली मांग 250 गीगावाट के पार पहुंच गई, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है। तापमान में लगातार बढ़ोतरी और एयर कंडीशनर, कूलर तथा अन्य उपकरणों के बढ़ते इस्तेमाल ने बिजली खपत को तेजी से बढ़ाया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले मई-जून के महीनों में यह मांग और बढ़ सकती है, क्योंकि उत्तर भारत सहित कई हिस्सों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा रहा है। ऐसे में पावर ग्रिड पर दबाव लगातार बढ़ रहा है और कई राज्यों में लोकल स्तर पर ट्रांसफार्मर ओवरलोड और बिजली कटौती की समस्या सामने आ रही है।
बिजली मंत्रालय के अनुसार, देश की उत्पादन क्षमता पर्याप्त है, लेकिन चुनौती आपूर्ति और वितरण (डिस्ट्रिब्यूशन) नेटवर्क की है। कई जगहों पर पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर और अचानक बढ़ी मांग के कारण सप्लाई बाधित हो रही है। यही वजह है कि कुछ शहरों में लोगों को घंटों बिजली कटौती झेलनी पड़ रही है।
औद्योगिक क्षेत्र भी इस संकट से अछूता नहीं है। कई राज्यों में वोल्टेज फ्लक्चुएशन और अनियमित सप्लाई के कारण छोटे और मध्यम उद्योगों को उत्पादन में नुकसान उठाना पड़ रहा है। इससे आर्थिक गतिविधियों पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
दूसरी ओर, सरकार ने स्थिति से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं। कोयला आधारित बिजली उत्पादन को बढ़ाया जा रहा है, वहीं गैस और रिन्यूएबल एनर्जी स्रोतों का भी अधिकतम उपयोग किया जा रहा है। साथ ही, राज्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे पीक आवर्स में बिजली की खपत को नियंत्रित करने के लिए जागरूकता अभियान चलाएं।
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत को बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए न केवल उत्पादन क्षमता बढ़ानी होगी, बल्कि ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम को भी मजबूत करना होगा। स्मार्ट ग्रिड और स्टोरेज तकनीक पर निवेश बढ़ाना समय की जरूरत बन गया है। कुल मिलाकर, बढ़ती गर्मी के साथ बिजली की मांग का यह उछाल भारत के ऊर्जा सेक्टर के लिए एक बड़ी चुनौती और अवसर दोनों बनकर सामने आया है।
