Indian Railways has reduced diesel consumption by 63% since 2015-16, with 99.6% of its broad-gauge network electrified. The move saves 185 crore litres of diesel annually, lowers fuel imports, reduces operating costs, and cuts carbon emissions.
भारतीय रेलवे ने हरित परिवहन (Green Transportation) और ऊर्जा दक्षता के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। रेलवे ने वर्ष 2015-16 की तुलना में अपनी डीजल खपत में 63 प्रतिशत की कमी दर्ज की है। यह उपलब्धि रेलवे नेटवर्क के तेज़ी से हुए विद्युतीकरण (Electrification) के कारण संभव हो सकी है।
भारतीय रेलवे के अनुसार, देश के 99.6 प्रतिशत ब्रॉड गेज नेटवर्क का विद्युतीकरण पूरा हो चुका है। इसके चलते रेलवे को हर साल लगभग 185 करोड़ लीटर डीजल की बचत हो रही है। इससे न केवल रेलवे की परिचालन लागत (Operating Cost) में कमी आई है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन घटाने में भी महत्वपूर्ण योगदान मिला है।
आयातित ईंधन पर निर्भरता में कमी
रेलवे के व्यापक विद्युतीकरण अभियान से भारत की आयातित पेट्रोलियम ईंधन पर निर्भरता कम हुई है। डीजल की खपत घटने से विदेशी मुद्रा की बचत के साथ-साथ ऊर्जा सुरक्षा को भी मजबूती मिली है।
कार्बन उत्सर्जन में बड़ी गिरावट
विशेषज्ञों का मानना है कि डीजल इंजनों की जगह इलेक्ट्रिक ट्रेनों के संचालन से कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य प्रदूषक गैसों का उत्सर्जन काफी कम हुआ है। इससे भारतीय रेलवे देश के जलवायु लक्ष्यों और हरित विकास (Green Growth) की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
परिचालन लागत में बचत
रेलवे नेटवर्क के विद्युतीकरण से ट्रेनों के संचालन की लागत में भी कमी आई है। इलेक्ट्रिक इंजन डीजल इंजनों की तुलना में अधिक ऊर्जा दक्ष होते हैं, जिससे रेलवे को दीर्घकालिक वित्तीय लाभ मिल रहा है।
नेट जीरो लक्ष्य की ओर रेलवे
भारतीय रेलवे वर्ष 2030 तक नेट जीरो कार्बन एमिटर बनने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। डीजल खपत में 63 प्रतिशत की कमी और लगभग पूर्ण विद्युतीकरण इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
