Rising concerns over industrial safety in India as substandard and counterfeit steel pipes—often imported cheaply from China—are linked to deadly accidents, including a recent tragedy in Chhattisgarh. Authorities intensify crackdowns on fake manufacturers.
नई दिल्ली। औद्योगिक सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। घटिया गुणवत्ता वाले स्टील पाइप और ट्यूब्स अब बड़े औद्योगिक हादसों की एक अहम वजह बनते जा रहे हैं। हाल ही में छत्तीसगढ़ के एक पावर प्लांट में हुई भीषण दुर्घटना में करीब 20 लोगों की मौत ने इस खतरे को उजागर कर दिया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि पाइपलाइन सिस्टम में इस्तेमाल किए गए निम्न गुणवत्ता के स्टील ट्यूब इस हादसे के प्रमुख कारणों में शामिल हो सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में देश में सस्ते और निम्न गुणवत्ता वाले स्टील पाइपों की बाढ़ आ गई है, खासकर चीन से आयातित उत्पादों के चलते। ये पाइप कीमत में सस्ते जरूर होते हैं, लेकिन सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरते। कई मामलों में इन पर नामी कंपनियों के नकली स्टिकर लगाकर बाजार में बेचा जा रहा है, जिससे खरीदारों को असली और नकली उत्पाद में फर्क करना मुश्किल हो जाता है।
इस तरह की अनियमितताओं के खिलाफ कानून-व्यवस्था एजेंसियों ने भी कार्रवाई तेज की है। हाल ही में ठाणे में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली स्टील पाइप बनाने और बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया। जांच में सामने आया कि ये गिरोह बड़ी कंपनियों के नाम का दुरुपयोग कर सस्ते चीनी पाइपों को ब्रांडेड बताकर बेच रहा था। इस मामले में कई फैक्ट्रियों पर छापेमारी कर भारी मात्रा में नकली माल जब्त किया गया और इस तरह के ट्रेडर्स के खिलाफ करीब 10 से ज्य़ादा एफआईआर दर्ज की गई।
सीमलैस ट्यूब मैन्यूफैक्चर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के चेयरमैन शिव कुमार का कहना है कि इस तरह के घटिया पाइप न केवल मशीनरी को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि श्रमिकों की जान के लिए भी गंभीर खतरा बनते हैं। पावर प्लांट, तेल-गैस उद्योग और निर्माण क्षेत्र जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में पाइप की गुणवत्ता बेहद महत्वपूर्ण होती है। एक छोटी सी खराबी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि आयातित स्टील उत्पादों पर सख्त गुणवत्ता जांच लागू की जाए और नकली उत्पादों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। साथ ही कंपनियों को भी अपनी सप्लाई चेन में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करनी होगी। स्पष्ट है कि यदि समय रहते इस समस्या पर सख्ती से नियंत्रण नहीं किया गया, तो भविष्य में इस तरह की घटनाएं और बढ़ सकती हैं, जिससे औद्योगिक सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा सकता है।
