ONGC CMD Arun Kumar Singh
ONGC CMD Arun Kumar Singh

ONGC Chairman Arun Kumar Singh warns India to diversify oil and gas supply chains amid rising geopolitical tensions in West Asia, highlighting risks to energy security.

Arun Kumar Singh, देश की सबसे बड़ी तेल और गैस कंपनी Oil and Natural Gas Corporation (ONGC) के चेयरमैन, ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर अहम चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि भारत को अपनी पारंपरिक तेल और गैस सप्लाई चेन पर अत्यधिक निर्भरता से बचना होगा।

उन्होंने यह बात Petroleum and Natural Gas Regulatory Board (PNGRB) के एक सम्मेलन में कही, जहां उन्होंने वैश्विक हालात और बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों पर चिंता जताई।

गल्प क्षेत्र पर निर्भरता बना सकती है जोखिम

अरुण कुमार सिंह ने कहा कि भारत अपने आधे से ज्यादा कच्चे तेल, करीब 30% गैस और 80% से अधिक एलपीजी का आयात खाड़ी (वेस्ट एशिया) देशों से करता है। ऐसे में ईरान, अमेरिका और इज़राइल के बीच बढ़ते तनाव भारत के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह मान लेना कि वेस्ट एशिया भारत के करीब है और इसलिए वहीं से सप्लाई सुरक्षित रहेगी—यह सोच अब बदलने की जरूरत है।

बदलते ग्लोबल ऑर्डर पर नजर जरूरी

ONGC चेयरमैन ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा केवल सप्लाई का सवाल नहीं है, बल्कि यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि दुनिया में भू-राजनीतिक स्तर पर क्या बदलाव हो रहे हैं। इसलिए भारत को अपनी ऊर्जा रणनीति को लचीला और विविध बनाना होगा।

सरकार ने शुरू किए बड़े बदलाव

हालिया संकटों को देखते हुए भारत सरकार ने भी कच्चे तेल और गैस की आयात नीति में बदलाव शुरू किए हैं। अब भारत अपनी सप्लाई चेन में नए देशों को शामिल कर रहा है, ताकि किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम की जा सके।

ऊर्जा सुरक्षा बना राष्ट्रीय प्राथमिकता

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में ऊर्जा सुरक्षा भारत के लिए सबसे बड़ा रणनीतिक मुद्दा बनने जा रहा है। ऐसे में विविध सप्लाई स्रोत, घरेलू उत्पादन और नवीकरणीय ऊर्जा पर जोर देना जरूरी होगा।


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