Gautam Adani on womens day
Gautam Adani on womens day

Adani Group Chairman Gautam Adani shared a heartfelt message on International Women’s Day, reflecting on the women who shaped his life, values, and journey, including his mother, wife Priti Adani, and family.

अहमदाबाद, 8 मार्च: Gautam Adani ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अपने जीवन को प्रभावित करने वाली महिलाओं को याद करते हुए कहा कि उनके जीवन के मूल्यों और सोच को आकार देने में महिलाओं की अहम भूमिका रही है। उन्होंने उन्हें अपनी “अंतरात्मा की वास्तुकार” बताया।

Adani Group के चेयरमैन गौतम अडानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म LinkedIn पर साझा किए गए एक भावनात्मक संदेश में अपने बचपन, परिवार और जीवन के अनुभवों का जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि उनके जीवन की शुरुआती सीख उनकी मां से मिली, जिन्होंने उन्हें भारत के महाकाव्यों और उनसे जुड़े मूल्यों से परिचित कराया।

अडानी ने कहा कि इन कहानियों में ऐसे जीवन पाठ छिपे थे जो किसी भी पाठ्यपुस्तक से कहीं अधिक गहरे थे। इनसे उन्हें साहस, त्याग, कर्तव्य और आस्था जैसे मूल्यों को समझने की प्रेरणा मिली।

अपने शुरुआती संघर्षों को याद करते हुए उन्होंने बताया कि जब वह 16 वर्ष की उम्र में अपने सपनों को पूरा करने के लिए मुंबई गए थे, तब उनके पास केवल दृढ़ संकल्प था। उन्होंने लिखा कि आज जब वह पीछे मुड़कर देखते हैं तो उन्हें एहसास होता है कि उस समय उनकी मां के लिए अपने बेटे को अनिश्चित भविष्य की ओर भेजना कितना साहसिक फैसला रहा होगा।

अडानी ने अपनी पत्नी Priti Adani को भी श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें “मेरी अंतरात्मा की संरक्षक” बताया। उन्होंने कहा कि पेशे से दंत चिकित्सक होने के बावजूद प्रीति अडानी ने खुद को सामाजिक सेवा के लिए समर्पित कर दिया और Adani Foundation को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई।

उन्होंने बताया कि अडानी फाउंडेशन के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, सतत आजीविका और सामुदायिक विकास के कार्यक्रमों के जरिए आज देश के 22 राज्यों में एक करोड़ से अधिक लोगों तक मदद पहुंचाई जा रही है।

गौतम अडानी ने अपने परिवार की नई पीढ़ी का जिक्र करते हुए अपनी बहुओं पारिधि और दिवा की भी सराहना की। उन्होंने पारिधि को एक विचारशील और तेज-तर्रार वकील बताया जो विभिन्न विषयों पर गहराई से सोचने की क्षमता रखती हैं। वहीं दिवा को उन्होंने एक रचनात्मक डिजाइनर बताया, जिनके काम में विशेष रूप से दिव्यांगों के प्रति संवेदनशीलता दिखाई देती है।

उन्होंने अपनी तीन पोतियों का भी जिक्र किया और कहा कि उनके साथ बिताए पल उन्हें जीवन के असली अर्थ की याद दिलाते हैं। अडानी ने लिखा कि कोई व्यक्ति अपने जीवन में बंदरगाह, हवाई अड्डे, बिजली संयंत्र और बड़े व्यवसाय बना सकता है, लेकिन जब कोई पोती उसकी गोद में बैठकर भरोसे से उसकी ओर देखती है, तब उसे समझ आता है कि आखिर हम यह सब क्यों बना रहे हैं।

अपने संदेश के अंत में गौतम अडानी ने कहा कि यदि दुनिया उनकी यात्रा से कुछ याद रखे तो वह यह कि जीवन की सबसे मजबूत नींव कंक्रीट या स्टील से नहीं बनती, बल्कि उन लोगों से बनती है जो हमें वह बनाते हैं जो हम हैं।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर अडानी का यह संदेश परिवार, मूल्यों और महिलाओं के योगदान को सम्मान देने का एक भावनात्मक उदाहरण बनकर सामने आया है।

By Aman

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