nitin-gadkari-bombay-high-court-meta-x-google-ai-deepfake-e20-fuel-controversy
nitin-gadkari-bombay-high-court-meta-x-google-ai-deepfake-e20-fuel-controversy

Union Transport Minister Nitin Gadkari has approached the Bombay High Court seeking removal of abusive posts and AI-generated deepfakes on Meta, X and Google. The petition includes misleading content linking him and his family to the government’s E20 ethanol blending programme and alleged corruption.

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Meta, X (पूर्व में Twitter) और Google के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया है। उन्होंने अदालत से उन आपत्तिजनक पोस्टों और AI से तैयार किए गए डीपफेक वीडियो एवं तस्वीरों को हटाने का निर्देश देने की मांग की है, जिनमें उन्हें और उनके परिवार को केंद्र सरकार के E20 एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम से जोड़ा गया है।

याचिका के अनुसार, सोशल मीडिया पर प्रसारित कुछ पोस्ट और AI-जनित सामग्री भ्रामक, मानहानिकारक और तथ्यहीन हैं। गडकरी का कहना है कि इनका उद्देश्य उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना और जनता को गुमराह करना है।

पिछले कुछ महीनों में देशभर में E20 पेट्रोल को लेकर व्यापक चर्चा रही है। E20 पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है। केंद्र सरकार इसे भारत की ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने, कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने, प्रदूषण घटाने और घरेलू स्तर पर उत्पादित जैव ईंधन (Biofuel) को बढ़ावा देने की महत्वपूर्ण नीति के रूप में देखती है।

हालांकि, E20 ईंधन को लेकर कुछ उपभोक्ताओं और विशेषज्ञों ने चिंताएं भी जताई हैं। उनका कहना है कि पुराने वाहन, जिन्हें E20 ईंधन के अनुरूप डिजाइन नहीं किया गया है, उनमें ईंधन प्रणाली से जुड़ी समस्याएं, कुछ पुर्जों में क्षरण (Corrosion) और माइलेज में कमी जैसी दिक्कतें आ सकती हैं। वहीं सरकार और वाहन निर्माता लगातार यह स्पष्ट करते रहे हैं कि E20-अनुकूल (E20 Compatible) वाहनों में ऐसे जोखिम नहीं हैं और चरणबद्ध तरीके से वाहन उद्योग को इसके अनुरूप तैयार किया जा रहा है।

गडकरी की याचिका ऐसे समय में आई है जब AI डीपफेक, फर्जी वीडियो और सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक जानकारी को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है। इस मामले में हाईकोर्ट का फैसला डिजिटल प्लेटफॉर्म पर गलत सूचना और AI-जनित सामग्री के नियमन के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *