Union Ministers Hardeep Singh Puri and Nitin Gadkari question viral E20 engine damage videos, alleging misinformation after India’s E85 fuel announcement.
एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20) को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इंजन खराब होने के वीडियो पर केंद्र सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने अलग-अलग टीवी इंटरव्यू में ऐसे वीडियो की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए इसे भ्रामक अभियान बताया है।
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत में अप्रैल 2025 से E20 पेट्रोल उपलब्ध है और इससे पहले लगभग तीन वर्षों तक E15 पेट्रोल भी पेट्रोल पंपों पर बिकता रहा। उन्होंने कहा कि इस दौरान कभी इस तरह का विवाद सामने नहीं आया।
पुरी के अनुसार, वर्तमान में देश में लगभग 20 करोड़ दोपहिया वाहन और करीब 20 से 30 लाख चारपहिया वाहन E20 ईंधन का उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि ईंधन में कोई गंभीर तकनीकी समस्या होती तो इतने बड़े पैमाने पर शिकायतें पहले ही सामने आ जातीं।
उन्होंने कहा, “सोचने वाली बात यह है कि अचानक ऐसा क्या हुआ कि एथेनॉल से गाड़ियां खराब होने के वीडियो एक साथ सामने आने लगे और तेजी से वायरल होने लगे। मेरा मानना है कि 5 जुलाई को 85 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण वाले E85 पेट्रोल की घोषणा के बाद ऐसे वीडियो लक्षित तरीके से फैलाए जाने लगे। यह एक सोची-समझी साजिश जैसा प्रतीत होता है।”
हाल के दिनों में भी पुरी ने स्पष्ट किया है कि E20 को लेकर फैलाया जा रहा विवाद “गलत प्रस्तुति” (misrepresentation) है। उनका कहना है कि वाहन निर्माता कंपनियों और सर्विस नेटवर्क ने E20 से कोई व्यापक तकनीकी समस्या सामने नहीं आने की बात कही है।
वहीं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी एक टीवी इंटरव्यू में दावा किया कि बिहार के एक यूट्यूबर द्वारा बनाया गया एक वायरल वीडियो जांच में भ्रामक पाया गया। गडकरी के अनुसार, संबंधित वाहन की जांच के दौरान टोयोटा की तकनीकी टीम ने पाया कि वाहन में जानबूझकर पेट्रोल में पानी मिलाया गया था, जिसके बाद संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई।
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर E20 पेट्रोल को लेकर कई वीडियो वायरल हुए हैं, जिनमें इंजन खराब होने, माइलेज घटने और वाहनों को नुकसान पहुंचने जैसे दावे किए जा रहे हैं। सरकार इन दावों को तथ्यों से परे बताते हुए लोगों से अपुष्ट और भ्रामक सामग्री पर विश्वास न करने की अपील कर रही है।
हालांकि, गडकरी द्वारा बताए गए बिहार के यूट्यूबर और एफआईआर संबंधी दावे उनके टीवी इंटरव्यू पर आधारित हैं। इस मामले में संबंधित जांच एजेंसी या टोयोटा की ओर से विस्तृत आधिकारिक दस्तावेज सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं हैं।
