Industry experts and Maruti Suzuki clarify that E20 petrol is safe for both new and pre-2023 E10 cars. Ethanol blending has been implemented through scientific testing, stakeholder consultations, and global best practices to reduce carbon emissions.
पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल (E20) मिश्रण को लेकर उठ रहे सवालों के बीच ऑटोमोबाइल उद्योग और ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि E20 ईंधन पूरी तरह वैज्ञानिक परीक्षणों, चरणबद्ध योजना और व्यापक तकनीकी अध्ययन के बाद लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 से पहले निर्मित E10 कारों में भी E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से इंजन, पार्ट्स या वाहन की उम्र पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता।
उद्योग विशेषज्ञों की प्रेस कॉन्फ्रेंस में वर्तिका शुक्ला ने कहा कि भारत का इथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं है, बल्कि यह वर्षों की वैज्ञानिक तैयारी और चरणबद्ध रणनीति का परिणाम है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2013-14 में देश में पेट्रोल में केवल लगभग 1.5 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण होता था, जबकि सरकार ने E20 ब्लेंडिंग का लक्ष्य तय किया और इसे निर्धारित समय से पांच वर्ष पहले दिसंबर 2025 में हासिल कर लिया।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 से इस कार्यक्रम को सभी हितधारकों के साथ व्यापक चर्चा और परामर्श के बाद व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया गया। इस नीति को ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI), सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) तथा वाहन निर्माताओं के वैज्ञानिक परीक्षणों का पूरा समर्थन प्राप्त है। उन्होंने कहा कि इथेनॉल मिश्रण वैश्विक स्तर पर अपनाई जा रही उन रणनीतियों का हिस्सा है, जिनका उद्देश्य जीवाश्म ईंधन से होने वाले कार्बन उत्सर्जन को कम करना और पर्यावरण को स्वच्छ बनाना है।
इस दौरान मारुति सुजुकी इंडिया के कॉर्पोरेट अफेयर्स के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर राहुल भारती ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से E20 पेट्रोल को लेकर कई तरह की शंकाएं सामने आई हैं। उन्होंने बताया कि भारत में वर्ष 2023 तक E10 ईंधन प्रचलन में था और इसके बाद ईंधन तथा नए वाहनों दोनों के लिए E20 मानक लागू किए गए।
राहुल भारती ने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह उठाया जा रहा है कि क्या वर्ष 2023 से पहले बनी E10 कारों में E20 पेट्रोल इस्तेमाल करना सुरक्षित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मारुति सुजुकी ने E10 मानक वाली कारों का E20 ईंधन पर सभी आवश्यक तकनीकी परीक्षण किए हैं और परीक्षणों में कहीं भी इंजन, ईंधन प्रणाली, पार्ट्स, घिसावट, जंग (Corrosion) या वाहन की आयु पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पाया गया।
उन्होंने कहा कि वाहन निर्माताओं ने पर्याप्त सुरक्षा मानकों (Safety Factors) को ध्यान में रखते हुए परीक्षण किए हैं, जिससे यह सुनिश्चित हुआ है कि E20 पेट्रोल का उपयोग पुरानी E10 कारों में भी सुरक्षित है। उन्होंने लोगों से अपील की कि इथेनॉल मिश्रण को लेकर फैलाई जा रही भ्रांतियों पर विश्वास न करें और वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित जानकारी को ही स्वीकार करें।
विशेषज्ञों के अनुसार, इथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम से भारत की कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी, किसानों को अतिरिक्त आय का स्रोत मिलेगा, घरेलू जैव ईंधन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और देश के कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी। यही कारण है कि यह कार्यक्रम आत्मनिर्भर भारत, हरित ऊर्जा (Green Energy) और स्वच्छ ईंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
