The Union Cabinet has approved the ₹84,084 crore Samudra Manthan Scheme to accelerate offshore oil and gas exploration in India. The initiative aims to strengthen energy security, boost domestic hydrocarbon production, promote deepwater exploration, and support the vision of Atmanirbhar Bharat by 2030-31.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की महत्वाकांक्षी केंद्रीय क्षेत्र की योजना ‘समुद्र मंथन’ को मंजूरी दे दी है। वित्त वर्ष 2030-31 तक लागू होने वाली इस योजना के लिए ₹84,084 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है। इस पहल का उद्देश्य भारत के समुद्री क्षेत्रों में तेल एवं गैस की खोज को तेज करना, घरेलू उत्पादन बढ़ाना और देश की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना है।
यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 15 अगस्त 2025 को लाल किले की प्राचीर से दिए गए उस विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिसमें उन्होंने भारत की विशाल समुद्री ऊर्जा क्षमता के दोहन के लिए आधुनिक युग के ‘समुद्र मंथन’ का आह्वान किया था।
ऑफशोर एक्सप्लोरेशन को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
‘समुद्र मंथन’ योजना के तहत समुद्री क्षेत्रों में तेल एवं गैस की खोज और उत्पादन को गति देने के लिए कई अहम कदम उठाए जाएंगे। इनमें उच्च गुणवत्ता वाले सीस्मिक (भूकंपीय) डेटा का संग्रह, प्रोसेसिंग और विश्लेषण, डीपवॉटर एवं अल्ट्रा-डीपवॉटर क्षेत्रों में खोजी ड्रिलिंग और संभावनाशील समुद्री बेसिनों में वैज्ञानिक अन्वेषण शामिल है।
सरकार का अनुमान है कि इस योजना के जरिए 600 मिलियन मीट्रिक टन ऑयल इक्विवेलेंट (MMTOE) से अधिक नए तेल एवं गैस भंडार खोजे जा सकते हैं। इससे देश के घरेलू ऊर्जा उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।
ऊर्जा सुरक्षा के साथ रोजगार पर भी फोकस
सरकार का कहना है कि यह योजना ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को भी नई मजबूती देगी। इसके तहत स्वदेशी विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा, अत्याधुनिक ऑफशोर तकनीकों का विकास होगा और ऊर्जा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही भारत को ऑफशोर ऊर्जा प्रौद्योगिकी और सेवाओं के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद मिलेगी।
पिछले दशक के सुधारों को मिलेगी नई गति
केंद्र सरकार के अनुसार, पिछले दस वर्षों में अपस्ट्रीम ऑयल एवं गैस सेक्टर में कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। इनमें लगभग पूरे ऑफशोर क्षेत्र को अन्वेषण के लिए खोलना, कानूनी एवं अनुबंध व्यवस्था का आधुनिकीकरण तथा नेशनल डेटा रिपॉजिटरी (NDR) को मजबूत करना शामिल है।
सरकार का मानना है कि इन्हीं सुधारों को आगे बढ़ाते हुए ‘समुद्र मंथन’ योजना रणनीतिक सार्वजनिक निवेश, अत्याधुनिक तकनीक और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के माध्यम से भारत में ऑफशोर तेल एवं गैस अन्वेषण के नए युग की शुरुआत करेगी। इससे देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता मजबूत होगी और भविष्य की आर्थिक वृद्धि तथा सतत विकास को नई गति मिलेगी।
