NITI Aayog held a high-level stakeholder consultation on the implementation of SHANTI Act 2025, focusing on nuclear energy reforms, FDI policy, manufacturing, insurance, capacity building, and regulatory framework in India.
परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में सुधार और निजी भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में केंद्र सरकार ने SHANTI Act 2025 (Safety, Harmonisation and Advancement of Nuclear Technology Initiative Act) के प्रभावी क्रियान्वयन की तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में नीति आयोग ने नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में उच्चस्तरीय हितधारक परामर्श बैठक आयोजित की, जिसमें सरकार, उद्योग, अनुसंधान संस्थानों और परमाणु ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों ने भाग लेकर अधिनियम के संचालन ढांचे पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक की अध्यक्षता नीति आयोग के सदस्य प्रो. अभय करंदीकर ने की। इस दौरान विद्युत मंत्रालय के सचिव पंकज अग्रवाल, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) के अध्यक्ष घनश्याम प्रसाद, एनटीपीसी के सीएमडी गुरदीप सिंह, नीति आयोग की कार्यक्रम निदेशक डॉ. अंशु भारद्वाज, सलाहकार राजनाथ राम, परमाणु ऊर्जा विभाग की वरिष्ठ अधिकारी डॉ. गरिमा शर्मा तथा परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड (AERB) के निदेशक हरि कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
SHANTI Act 2025 के क्रियान्वयन पर तीन प्रमुख विषयों पर चर्चा
बैठक में अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए तीन अहम क्षेत्रों पर मंथन किया गया।
1. विधायी एवं नियामकीय ढांचा
विशेषज्ञों ने SHANTI Act 2025 के तहत तैयार किए जा रहे नियमों, विनियमों तथा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) से जुड़े प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि विदेशी निवेश को आकर्षित करते हुए भारत के रणनीतिक और राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
2. वित्त, बीमा और जनस्वीकृति
दूसरे सत्र में परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के लिए वित्तीय व्यवस्था, जोखिम प्रबंधन, दीर्घकालिक बीमा मॉडल और निवेश सुरक्षा जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। इसके साथ ही परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के प्रति आम लोगों में जागरूकता बढ़ाने, समुदाय का विश्वास मजबूत करने और सामाजिक स्वीकार्यता बढ़ाने के उपायों पर भी चर्चा की गई।
3. घरेलू विनिर्माण और क्षमता निर्माण
बैठक में घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने, सप्लाई चेन को मजबूत करने, परियोजनाओं के संचालन के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करने तथा औद्योगिक विस्तार के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम विकसित करने पर जोर दिया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि भारत को परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित करना आवश्यक है।
हितधारकों के सुझावों से मजबूत होगा क्रियान्वयन
बैठक में शामिल विभिन्न हितधारकों ने SHANTI Act 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अपने सुझाव दिए। नीति आयोग का कहना है कि इन सुझावों के आधार पर अधिनियम के कार्यान्वयन ढांचे को और अधिक व्यावहारिक, पारदर्शी तथा प्रभावी बनाया जाएगा।
सरकार का मानना है कि SHANTI Act 2025 भारत के परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निवेश, तकनीकी विकास, घरेलू विनिर्माण और ऊर्जा सुरक्षा को नई गति देने वाला महत्वपूर्ण कानून साबित होगा।
