Prime Minister Narendra Modi lauds India’s renewable energy achievements in Mann Ki Baat, highlighting 6 GW new wind power capacity addition and India’s rise as the world’s fourth-largest wind energy producer.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में भारत की नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) क्षेत्र में हुई उल्लेखनीय प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि देश ने स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने एक वर्ष में 6 गीगावाट नई पवन ऊर्जा क्षमता स्थापित करने का महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कुल पवन ऊर्जा क्षमता के मामले में भारत अब दुनिया का चौथा सबसे बड़ा देश बन गया है। उन्होंने इस उपलब्धि को केवल तकनीकी सफलता नहीं, बल्कि देश की सामूहिक इच्छाशक्ति और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया।
भारत की ग्रीन एनर्जी क्रांति को मिल रही नई रफ्तार
प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी के कारण भारत तेजी से हरित अर्थव्यवस्था (Green Economy) की ओर बढ़ रहा है। गुजरात, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और राजस्थान जैसे राज्य इस ऊर्जा क्रांति का नेतृत्व कर रहे हैं और देश की स्वच्छ ऊर्जा क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य केवल ऊर्जा उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को भी मजबूत करना है।
कच्छ, पाटन और बनासकांठा बने नवीकरणीय ऊर्जा के नए केंद्र
प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के कच्छ, पाटन और बनासकांठा जिलों का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि जो क्षेत्र कभी बंजर और रेगिस्तानी इलाकों के रूप में जाने जाते थे, वे आज देश की नवीकरणीय ऊर्जा क्रांति के प्रमुख केंद्र बन चुके हैं।
इन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर पवन और सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की गई हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह परिवर्तन दर्शाता है कि किस प्रकार भौगोलिक चुनौतियों को आर्थिक अवसरों में बदला जा सकता है।
युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के नए अवसर
प्रधानमंत्री ने कहा कि पवन ऊर्जा और अन्य स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार से देश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। इस क्षेत्र में तकनीकी कौशल, संचालन, रखरखाव और विनिर्माण से जुड़े रोजगार तेजी से बढ़ रहे हैं।
ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में भी नई नौकरियों का सृजन हो रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा का विस्तार केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आर्थिक सशक्तिकरण का भी महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है।
स्वच्छ ऊर्जा अपनाना हर नागरिक की जिम्मेदारी
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि स्वच्छ ऊर्जा को अपनाना हर नागरिक का दायित्व है। उन्होंने कहा कि बड़े राष्ट्रीय परिवर्तन समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी से ही संभव होते हैं।
प्रधानमंत्री के अनुसार, भारत आज स्वच्छ ऊर्जा को प्राथमिकता देकर न केवल वैश्विक जलवायु चुनौतियों का समाधान कर रहा है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मजबूत, आत्मनिर्भर और टिकाऊ ऊर्जा अवसंरचना का निर्माण भी कर रहा है।
भारत की पवन और सौर ऊर्जा क्षमता में लगातार हो रही वृद्धि देश को ऊर्जा क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ा रही है और विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
