India’s first LNG carrier Disha has successfully crossed the strategic Strait of Hormuz and safely docked at Dahej Port in Gujarat, strengthening India’s energy security and LNG supply chain.
भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। भारत का पहला एलएनजी (Liquefied Natural Gas) टैंकर ‘दिशा’ रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण Strait of Hormuz को सफलतापूर्वक पार करते हुए गुजरात के Dahej Port पहुंच गया है। टैंकर ने सुरक्षित रूप से दाहेज बंदरगाह पर डॉकिंग कर ली है।
होर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त और संवेदनशील समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच इस मार्ग से एलएनजी टैंकर का सुरक्षित गुजरना भारत के ऊर्जा आयात के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, एलएनजी कैरियर ‘दिशा’ निर्धारित समय के अनुसार अपनी यात्रा पूरी करते हुए दाहेज टर्मिनल पहुंचा। इस उपलब्धि से यह संदेश गया है कि क्षेत्रीय तनाव के बावजूद भारत की प्राकृतिक गैस आपूर्ति श्रृंखला सुचारू रूप से संचालित हो रही है।
गुजरात का दाहेज एलएनजी टर्मिनल देश के प्रमुख गैस आयात केंद्रों में शामिल है और यहां से आयातित गैस देश के विभिन्न औद्योगिक एवं घरेलू उपभोक्ताओं तक पहुंचाई जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ‘दिशा’ के सुरक्षित आगमन से बाजार में गैस आपूर्ति को लेकर बनी चिंताओं को भी काफी हद तक दूर करने में मदद मिलेगी।
ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों के अनुसार, होर्मुज़ जलडमरूमध्य से होकर आने वाले जहाजों की निर्बाध आवाजाही भारत सहित कई एशियाई देशों की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में ‘दिशा’ का सुरक्षित रूप से दाहेज पहुंचना भारत के लिए एक सकारात्मक और भरोसा बढ़ाने वाला घटनाक्रम माना जा रहा है।
