India has witnessed a significant hike in commercial LPG and aviation turbine fuel (ATF) prices from April 2026, impacting airlines, restaurants, and overall inflation. Experts warn of rising costs in travel and food services.
खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल के बीच केंद्र सरकार ने एविएशन सेक्टर के एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में बढ़ोतरी की घोषणा की है, साथ ही कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतें भी लगभग 200 रुपये प्रति सिलेंडर बढ़ गई है। इससे जहां हवाई किरायों में भारी बढ़ोतरी हो गई है, वहीं होटल, रेस्ट्रां और ढाबों पर भी कीमतें बढ़ गई हैं।
हालांकि सरकार ने इस डिरेगुलेटेड ईंधन ATF की बढ़ोतरी को सीमित कर दिया है। सरकार ने घरेलू रूट्स पर संचालित शेड्यूल एयरलाइंस के लिए ATF कीमतों में अधिकतम 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी को लागू करने का निर्णय लिया है।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय में संयुक्त सचिव असंगबा चुबा एओ ने कहा कि यह फैसला भारतीय विमानन उद्योग के लिए एक रणनीतिक और राहत देने वाला कदम है। उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया में उत्पन्न परिस्थितियों के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में अभूतपूर्व उछाल देखा जा रहा है, ऐसे में यह निर्णय एयरलाइंस की ऑपरेशनल लागत को नियंत्रित रखने में मदद करेगा।
एओ ने कहा कि भारतीय एयरलाइंस के कुल परिचालन खर्चों में ईंधन की हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत होती है। ऐसे में ATF की कीमतों में अनियंत्रित वृद्धि से एयरलाइंस पर भारी वित्तीय दबाव पड़ सकता था।
इस मुद्दे पर पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि सरकार ने वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए संतुलित दृष्टिकोण अपनाया है। उन्होंने कहा, “पश्चिम एशिया में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बावजूद हमने यह सुनिश्चित किया है कि घरेलू एविएशन सेक्टर पर अत्यधिक बोझ न पड़े। 25 प्रतिशत की सीमित वृद्धि इसी संतुलन का हिस्सा है।” हालांकि एटीएफ में यह भारी बढ़ोतरी है और इसके बाद हवाई किराए में बढ़ोतरी होने की आशंका है। हालांकि अभी भी कई सेक्टर्स में हवाई किराए 30 प्रतिशत बढ़े हुए हैं। एटीएफ में बढ़ोतरी के बाद इसका असर हवाई किरायों पर दिखेगा।
दूसरी ओर कमर्शियल सिलेंडर के कीमत लगभग 200 रुपये बढ़ने के बाद अब 19 किलो का सिलेंडर 2078 रुपये का हो गया है। इससे होटल, रेस्ट्रां और ढाबों पर लागतों में बढ़ोतरी हो गई है, हालांकि पर्याप्त मात्रा में सिलेंडर नहीं मिलने की वजह से काफी बड़ी मात्रा में रेस्त्रां और ढाबा मालिक ब्लैक में सिलेंडर खरीद रहे थे, जोकि 3000 रुपये से ऊपर का मिल रहा है। इस वजह से बाहर खाने की कीमतें भी काफी बढ़ गई है।
