The government has allowed open market sale of kerosene to tackle potential LPG shortages, ensuring uninterrupted fuel supply for households across India.
रसोई गैस (LPG) की संभावित कमी और बढ़ती मांग के बीच सरकार ने एक अहम फैसला लेते हुए केरोसीन की खुली बिक्री (Open Market Sale) को अनुमति दे दी है। इस कदम का उद्देश्य आम लोगों, खासकर होटल, ढाबा, ग्रामीण और निम्न आय वर्ग के परिवारों को वैकल्पिक ईंधन उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें खाना बनाने में किसी तरह की परेशानी न हो। हालांकि अभी यह बिक्री सिर्फ 60 दिनों के लिए होगी।
सरकारी नोटिफिकेशन के अनुसार, अब पेट्रोल पंप पर केरोसीन ऑयल की बिक्री की जा सकती है, हालांकि अभी यह अनुमति सिर्फ 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए दी गई है। पेट्रोल पंप 5000 लीटर तक केरोसीन तेल का रख सकेंगे। हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय हालात और सप्लाई चेन में आई बाधाओं के कारण LPG की उपलब्धता पर दबाव देखा जा रहा है। ऐसे में केरोसीन की बिक्री को आसान बनाकर सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि घरेलू ईंधन की आपूर्ति बाधित न हो।
क्या है नया फैसला?
केरोसीन अब केवल राशन कार्ड तक सीमित नहीं रहेगा
खुले बाजार में भी इसकी बिक्री की अनुमति
जरूरतमंद उपभोक्ताओं को आसानी से उपलब्धता
सरकार का उद्देश्य
सरकार का मानना है कि यह कदम पैनिक बुकिंग और अफवाहों को रोकने में भी मदद करेगा। साथ ही, जिन क्षेत्रों में LPG की सप्लाई प्रभावित हो सकती है, वहां केरोसीन एक महत्वपूर्ण बैकअप ईंधन के रूप में काम करेगा।
चुनौतियां भी मौजूद
विशेषज्ञों का कहना है कि केरोसीन की खुली बिक्री से जहां राहत मिलेगी, वहीं इसके दुरुपयोग और कालाबाजारी पर नजर रखना भी जरूरी होगा। इसके अलावा, केरोसीन के उपयोग से प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं भी जुड़ी हुई हैं।
