नई दिल्ली। डिमर्जर की मंजूरी के बाद वेदांता लिमिटेड (वेदांता) का शेयर बुधवार के इंट्रा-डे कारोबार में एनएसई पर ₹599.80 के नए उच्च स्तर पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान इसमें 2% की तेजी दर्ज की गई और यह अपने 52 सप्ताह के उच्च स्तर पर बंद हुआ। पिछले एक महीने में कंपनी का शेयर करीब 20% चढ़ा है।
वेदांता के कारोबार को लेकर ब्रोकरेज फर्म्स सकारात्मक रुख बनाए हुए हैं। एल्यूमिनियम, जिंक और सिल्वर में लगातार मांग बढ़ने के साथ साथ कंपनी के ऑपरेशन में बेहतरी की वजह से कंपनी के मुनाफे में बढ़ोतरी की संभावनाओं से कंपनी को लेकर निवेशकों का उत्साह भी बढ़ा है।
वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने हाल ही में कहा था कि कंपनी अपने निवेशकों को डिविडेंड देती रहेगी, साथ ही उन्होंने चांदी की कीमतों को लेकर भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “इस साल चांदी सोने की छाया से बाहर निकलकर शानदार प्रदर्शन किया है। डॉलर के लिहाज से सिल्वर में साल-दर-साल 125% की बढ़त दर्ज हुई है, जबकि सोने ने 63% रिटर्न दिया है।”
16 दिसंबर को कंपनी की लंबे समय से लंबित डीमर्जर योजना को एनसीएलटी से मंजूरी मिलने के बाद वेदांता के शेयर में लगातार छठे कारोबारी सत्र में तेजी देखने को मिली। कंपनी की रिस्ट्रक्चर योजना के तहत सूचीबद्ध वेदांता लिमिटेड को पांच अलग-अलग सूचीबद्ध इकाइयों में विभाजित किया जाएगा—वेदांता एल्युमिनियम, वेदांता ऑयल एंड गैस, वेदांता पावर, वेदांता आयरन एंड स्टील को अलग अलग लिस्ट कराया जाएगा।
इससे पहले दिसंबर में एसएंडपी ग्लोबल ने वेदांता की पैरेंट कंपनी वेदांता रिसोर्सेज की रेटिंग आउटलुक को ‘स्टेबल’ से ‘पॉजिटिव’ में संशोधित किया था और बी+ रेटिंग की पुष्टि की थी। एजेंसी ने मजबूत आय दृश्यता, लागत में लगातार कमी और अनुकूल धातु कीमतों को इसके पीछे प्रमुख कारण बताया है, जिससे कंपनी के कैश फ्लो में सुधार की उम्मीद है।
ब्लूमबर्ग के अनुसार, वेदांता पर नजर रखने वाले 14 विश्लेषकों में से 10 ब्रोकरेज फर्म्स ने ‘बाय’ रेटिंग दी है. ब्रोकरेज नुवामा ने शेयर के लिए ₹686 का सबसे ऊंचा लक्ष्य मूल्य दिया है। बीते छह महीनों में वेदांता के शेयर ने 33% से अधिक की तेजी के साथ बाजार से बेहतर प्रदर्शन किया है। इसी अवधि में एनएसई निफ्टी में करीब 5% और निफ्टी मेटल इंडेक्स में लगभग 15% की बढ़त दर्ज की गई है।
