अमेरिका के यूरोपीय यूनियन के देशों पर टैरिफ लगाने और ग्रीनलैंड पर कब्ज़े की धमकियों के बाद अब यूरोपीय यूनियन ने अमेरिका से खरीदे जाने वाली गैस पर रोक लगाने का मन बना लिया है। यूरोपीयन यूनियन अमेरिका से करीब 750 बिलियन डॉलर की गैस खरीदता है। गैस खरीदने पर यूरोपीय यूनियन की प्रमुख उर्सला लायेन ने कहा कि यूरोपीयन यूनियन के देश गैस को लेकर अमेरिका पर निर्भरता को लेकर चिंतित हैं।
उर्सला ने कहा कि हाल ही में जो कुछ हुआ है, वो यूरोपीयन यूनियन के देशों के लिए वेक-अप कॉल है। यह देश अपनी जरुरत का आधे से ज्य़ादा गैस अमेरिका से खरीद रहे हैं। इसलिए यूरोपीय संघ अब अमेरिका के अलावा अन्य देशों से गैस खरीद पर जोर दे रहा है, जिसमें कनाडा, कतर और अफ्रीकी देश शामिल हैं। यूरोपीय संघ (ईयू) अपनी एनर्जी सिक्यूरिटी को मजबूत करने के लिए अमेरिका के अलावा नॉर्वे, कतर, अल्जीरिया, अजरबैजान और नाइजीरिया जैसे देशों से प्राकृतिक गैस आयात पर तेजी से जोर दे रहा है। रूस से गैस आयात कम करने और अमेरिकी एलएनजी पर अत्यधिक निर्भरता घटाने की रणनीति के तहत ईयू ने यह कदम उठाया है। जोहानिसबर्ग में पत्रकारों से बात करते हुए उर्सला ने कहा कि हम दुनिया के अन्य देशों से बात कर रहे हैं, जोकि हमें गैस सप्लाई कर सकें।
ईयू ने 2022 के यूक्रेन संकट के बाद रूस से गैस आयात को 50% से घटाकर 15% कर दिया। ईयू के लिए नॉर्वे अब सबसे बड़ा गैस सप्लायर है, जो पाइपलाइन से अधिकांश गैस मुहैया कराता है, जबकि अमेरिका यूरोपीयन देशों के लिए एलएनजी का दूसरा बड़ा स्रोत है। हालांकि, 2025 में नॉर्वे ने 89 अरब क्यूबिक मीटर, अमेरिका ने 81 अरब और रूस ने 37 अरब क्यूबिक मीटर गैस दी।
विविधीकरण की रणनीति
ईयू ने अपने आरईपावरईयू प्लान के तहत रूसी गैस को 2027 तक पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य रखा था। सदस्य देशों को मार्च 2026 तक एनर्जी खरीदने की योजनाएं जमा करनी होंगी, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा, बायोगैस और विद्युतीकरण शामिल हैं। नए स्रोत जैसे मिस्र, अंगोला, ओमान और अजरबैजान से आयात बढ़ रहा है, जबकि समुद्री मार्गों पर निर्भरता 87% हो गई है।
दरअसल रूस और यूक्रेन युद्ध के बाद से ही अमेरिका ने रूसी गैस पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिसके बाद यूरोपीयन देशों को गैस खरीदने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। इसलिए अमेरिका से एलएनजी आयात बहुत बढ़ गया था। लेकिन अब अमेरिकी टैरिफ के बाद यूरोपीय देश भी अपनी प्राथमिकताएं बदल रहे हैं।
