मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NMIA) आज से औपचारिक रूप से यात्रियों के लिए खुल गया है और पहले चरण में यहां से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की उड़ानें शुरू हो रही हैं। यह नया हवाई अड्डा मुंबई महानगर क्षेत्र के लिए दूसरा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनकर सामने आया है और मौजूदा छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बढ़ते दबाव को कम करेगा।
एयरपोर्ट का उद्घाटन और शुरुआत
नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले फेज का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 अक्टूबर 2025 को किया था।वाणिज्यिक (कमर्शियल) उड़ानों का Opreation आज से शुरू हो गया है, पहले दिन करीब 50 उड़ानें इस एयरपोर्ट से चलेंगी। लागत, क्षमता और संरचना
यह ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट लगभग 19,650 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है और इसे भारत के सबसे महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में गिना जा रहा है। पहले चरण में टर्मिनल की सालाना यात्री संभालने की क्षमता 2 करोड़ (20 मिलियन) रखी गई है, जबकि सभी चरण पूरे होने के बाद यह क्षमता 9–10 करोड़ यात्रियों प्रति वर्ष तक पहुंच सकती है।1,160 हेक्टेयर में फैले इस एयरपोर्ट पर दो समानांतर रनवे, चार टर्मिनल और बड़े कार्गो टर्मिनल सहित अत्याधुनिक मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल (MRO) सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
कनेक्टिविटी
नवी मुंबई एयरपोर्ट को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर विकसित किया गया है, जिसमें अदानी समूह की सहायक कंपनी नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड की 74 फीसदी हिस्सेदारी और महाराष्ट्र सरकार की एजेंसी सिडको की 26 फीसदी हिस्सेदारी है। इंडिगो, एयर इंडिया, आकासा एयर और एयर इंडिया एक्सप्रेस जैसे प्रमुख एयरलाइंस यहां से अपने कुछ Flights चला रही हैं, ताकि मुंबई की हवाई यातायात जरूरतों को विभाजित किया जा सके। एयरपोर्ट को मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक, मेट्रो, उपनगरीय रेल और हाईवे नेटवर्क के जरिए मुंबई और नवी मुंबई के प्रमुख इलाकों से जोड़ा जा रहा है, जिससे यात्रियों के लिए पहुंच आसान होगी। पर्यावरण, तकनीक और यात्री सुविधाएंइस प्रोजेक्ट के लिए पहाड़ियों को समतल करने, नदियों को डायवर्ट करने और बड़े पैमाने पर लैंड डेवलपमेंट का काम किया गया, जिसके चलते इसे इंजीनियरिंग की मुश्किल योजनाओं में गिना जाता है। एयरपोर्ट में डिजी-यात्रा आधारित कॉन्टैक्टलेस यात्रा, फेशियल रिकग्निशन, हाई-टेक सिक्योरिटी सिस्टम और डिजिटल वे-फाइंडिंग जैसी स्मार्ट सुविधाएं दी जाएंगी, ताकि यात्रियों को “एनजाइटी-फ्री” ट्रैवल अनुभव मिल सके। नवी मुंबई एयरपोर्ट को कार्बन उत्सर्जन कम करने, ग्रीन बिल्डिंग मानकों और ऊर्जा दक्षता के लक्ष्य के साथ डिजाइन किया गया है, जिससे इसे “भविष्य के सस्टेनेबल हब” के रूप में प्रोजेक्ट किया जा रहा है।
मुंबई और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था पर असर
नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने से मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई, रायगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में रियल एस्टेट, लॉजिस्टिक्स, टूरिज्म और सर्विस सेक्टर को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। सिडको ने एयरपोर्ट के आसपास एरोसिटी, मेडिसिटी, एजु-सिटी, स्पोर्ट्स सिटी और लॉजिस्टिक्स पार्क जैसी योजनाओं की रूपरेखा तैयार की है, जिससे हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार अवसर पैदा होंगे। नवी मुंबई एयरपोर्ट के संचालन के साथ मुंबई अब लंदन, न्यूयॉर्क, दुबई और टोक्यो जैसे उन दुनिया के प्रमुख शहरों की क्लब में शामिल हो गया है, जहां एक से अधिक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे हैं।
