LPG problem
LPG problem

Government forms a committee to review LPG shortage and commercial cylinder supply issues in India. The panel will examine LPG distribution, supply chain challenges and suggest measures to ensure smooth availability of domestic and commercial LPG cylinders.

LPG shortage: देश के कई हिस्सों में एलपीजी की किल्लत और कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति में आ रही समस्याओं को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी एलपीजी की सप्लाई चेन, वितरण व्यवस्था और कमर्शियल सिलेंडरों की उपलब्धता की समीक्षा करेगी ताकि उपभोक्ताओं और कारोबारियों को होने वाली परेशानी को कम किया जा सके।

पिछले कुछ समय से कई शहरों में एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं। खासतौर पर होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यापारियों को कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर समय पर नहीं मिल पा रहे हैं। इससे कई स्थानों पर व्यापारिक गतिविधियों पर भी असर पड़ रहा है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, एलपीजी की बढ़ती मांग, परिवहन और वितरण से जुड़ी चुनौतियों तथा सप्लाई चेन में कुछ खामियों के कारण यह स्थिति पैदा हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने विशेषज्ञों और संबंधित विभागों के अधिकारियों को शामिल करते हुए एक कमेटी गठित की है।

यह कमेटी देश में एलपीजी की कुल मांग और उपलब्धता का विश्लेषण करेगी। इसके साथ ही यह भी देखा जाएगा कि घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों के वितरण में कहीं असंतुलन या दुरुपयोग तो नहीं हो रहा है। कमेटी लॉजिस्टिक्स, स्टोरेज क्षमता और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को मजबूत करने के लिए सुझाव भी देगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि देश में एलपीजी की मांग लगातार बढ़ रही है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत बड़ी संख्या में नए उपभोक्ता जुड़े हैं, जिससे घरेलू एलपीजी की खपत में काफी वृद्धि हुई है। इसके अलावा होटल, कैटरिंग और फूड सर्विस सेक्टर के विस्तार से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की मांग भी तेजी से बढ़ी है।

सरकार का उद्देश्य है कि देश में एलपीजी की आपूर्ति सुचारु बनी रहे और उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर उपलब्ध हो। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर सरकार एलपीजी वितरण प्रणाली में सुधार के लिए नई नीतियां और दिशा-निर्देश जारी कर सकती है।

ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाया जाए तो एलपीजी की किल्लत जैसी समस्याओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

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