Adani green corridor
Adani green corridor

अडानी ग्रीन कॉरिडोर परियोजना को जापान की वित्तीय सहायता से बल मिल रहा है। यह परियोजना सौर और पवन ऊर्जा को राष्ट्रीय ग्रिड से जोड़कर भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मजबूत करेगी।


नई दिल्ली: भारत में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में अडानी समूह की ‘ग्रीन कॉरिडोर’ परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को जापान की वित्तीय सहायता से भी मजबूती मिल रही है, जिससे स्वच्छ ऊर्जा ट्रांसमिशन नेटवर्क के विस्तार को गति मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना भारत को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने और कार्बन उत्सर्जन कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

अडानी ग्रीन कॉरिडोर परियोजना का मुख्य उद्देश्य देश के विभिन्न हिस्सों में उत्पन्न सौर और पवन ऊर्जा को मजबूत ट्रांसमिशन नेटवर्क के जरिए राष्ट्रीय बिजली ग्रिड से जोड़ना है। इसके तहत हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइन, आधुनिक सब-स्टेशन और स्मार्ट ग्रिड तकनीक विकसित की जा रही है। यह नेटवर्क विशेष रूप से राजस्थान, गुजरात, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में स्थापित बड़े नवीकरणीय ऊर्जा संयंत्रों को राष्ट्रीय ग्रिड से जोड़ने में मदद करेगा।

जापान की सरकारी एजेंसियों और वित्तीय संस्थानों द्वारा स्वच्छ ऊर्जा और ऊर्जा अवसंरचना परियोजनाओं में निवेश भारत के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस सहयोग से परियोजना में अत्याधुनिक तकनीक, बेहतर प्रबंधन प्रणाली और दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। भारत और जापान के बीच ऊर्जा सहयोग पहले से ही मजबूत रहा है और ग्रीन कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं इस साझेदारी को और मजबूत कर रही हैं।

परियोजना के लागू होने से स्वच्छ ऊर्जा का बेहतर उपयोग संभव होगा और बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर और भरोसेमंद बनेगी। इससे कोयला आधारित बिजली उत्पादन पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिलेगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से निपटने के प्रयासों को बल मिलेगा।

अडानी समूह इस परियोजना के तहत स्मार्ट मॉनिटरिंग सिस्टम, डिजिटल कंट्रोल सेंटर और ऊर्जा भंडारण तकनीकों के विकास पर भी काम कर रहा है। इन तकनीकों से बिजली ट्रांसमिशन की दक्षता बढ़ेगी और ऊर्जा हानि को कम किया जा सकेगा। साथ ही, यह परियोजना भारत सरकार के ‘नेशनल ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर’ और वर्ष 2030 तक बड़े पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन के लक्ष्य के अनुरूप है।

इसके अलावा, अडानी ग्रीन कॉरिडोर परियोजना से रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की संभावना है। ट्रांसमिशन नेटवर्क निर्माण, संचालन और रखरखाव के क्षेत्र में बड़ी संख्या में रोजगार उत्पन्न हो सकते हैं। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में बिजली पहुंच बेहतर होने से स्थानीय आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि जापान की फंडिंग और तकनीकी सहयोग से अडानी ग्रीन कॉरिडोर भारत के ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकता है। यह परियोजना देश को स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन, ऊर्जा सुरक्षा और टिकाऊ विकास के लक्ष्यों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।


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