India and Bhutan strengthen clean energy and hydropower cooperation as Union Minister Manohar Lal visits Bhutan, signing key agreements on Punatsangchhu-II project and energy partnership.
India and Bhutan strengthen clean energy and hydropower cooperation as Union Minister Manohar Lal visits Bhutan, signing key agreements on Punatsangchhu-II project and energy partnership.

India and Bhutan strengthen clean energy and hydropower cooperation as Union Minister Manohar Lal visits Bhutan, signing key agreements on Punatsangchhu-II project and energy partnership.

भारत और भूटान आने वाले समय में हाइड्रो से लेकर सोलर और अन्य ऊर्जा के क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे। इसी कड़ी में केंद्रीय मंत्री Manohar Lal Khattar चार दिवसीय दौरे पर Bhutan पहुंचे। जहां उन्होंने 1200 मेगावाट पुनात्सांगछू-I जलविद्युत परियोजना के बांध निर्माण कार्य के शुभारंभ किया। इस अवसर पर भूटान के ऊर्जा मंत्री ल्योनपो जेम शेरिंग भी उनके साथ थे। इस मौके पर मनोहर लाल ने कहा कि पुनात्सांगछू-1 एवं 2 जलविद्युत परियोजनाएं भारत-भूटान ऊर्जा सहयोग की मजबूत आधारशिला हैं, जो स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ दोनों देशों के बीच विश्वास, पारस्परिक प्रगति और दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी को सुदृढ़ करती हैं।

https://x.com/mlkhattar/status/2042173468771524839?s=20

यह दौरा दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग, विशेष रूप से स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास को नई गति देने वाला माना जा रहा है। भारत और भूटान के संबंध हमेशा से विश्वास, समझ और सहयोग पर आधारित रहे हैं। इस यात्रा ने इन संबंधों को और मजबूती देने का अवसर प्रदान किया है, खासकर ऐसे समय में जब दोनों देश ऊर्जा सुरक्षा और हरित विकास पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।

हाइड्रोपावर और ऊर्जा सहयोग पर फोकस
इस दौरे के दौरान भारत और भूटान के बीच Punatsangchhu-II Hydroelectric Project से जुड़े टैरिफ प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए गए। साथ ही, Reactive Energy Accounting Methodology पर भी सहमति बनी, जो बिजली विनिमय को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाएगी। भूटान की अर्थव्यवस्था में हाइड्रोपावर का महत्वपूर्ण योगदान है और भारत इस क्षेत्र में उसका सबसे बड़ा साझेदार है। इस प्रोजेक्ट के जरिए दोनों देशों के बीच ऊर्जा व्यापार को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

उच्च स्तरीय बैठकें और रणनीतिक चर्चा

मंत्री मनोहर लाल ने भूटान के प्रधानमंत्री Tshering Tobgay से मुलाकात की, जिसमें दोनों देशों ने क्लीन एनर्जी और सतत विकास के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
इसके अलावा, उन्होंने भूटान के ऊर्जा और प्राकृतिक संसाधन मंत्री Gem Tshering के साथ भी बैठक की। इस बैठक में हाइड्रोपावर सेक्टर में चल रही परियोजनाओं और भविष्य के नवीकरणीय ऊर्जा अवसरों पर विस्तार से चर्चा हुई।
ऊर्जा क्षेत्र में नया संस्थागत ढांचा
भारत और भूटान ने ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाने के लिए एक नया द्विपक्षीय संस्थागत तंत्र (Institutional Framework) भी स्थापित किया है।
इस तंत्र के तहत निम्न क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा:
नॉन-हाइड्रो (सौर और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा)
क्रॉस-बॉर्डर ट्रांसमिशन
परियोजना वित्तपोषण
क्षमता निर्माण (Capacity Building)
संस्थागत साझेदारी
क्यों अहम है यह दौरा?
यह दौरा न केवल भारत-भूटान संबंधों को मजबूत करता है, बल्कि क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा और स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को भी आगे बढ़ाता है। भूटान के हाइड्रोपावर संसाधन और भारत की ऊर्जा मांग एक-दूसरे के पूरक हैं। ऐसे में यह साझेदारी आने वाले समय में दोनों देशों के लिए आर्थिक और रणनीतिक रूप से बेहद लाभकारी साबित हो सकती है।

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