Steel AI Roadmap AI generated image
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India AI Impact Summit 2026: The Ministry of Steel unveils its AI-driven digital roadmap at India AI Impact Summit 2026, aiming to modernize the steel value chain and achieve 400 MT production capacity by 2035-36 with enhanced energy efficiency and sustainability

India AI Impact Summit 2026: भारत के Steel क्षेत्र को AI तकनीक-आधारित वैश्विक शक्ति बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए Ministry of Steel ने India AI Impact Summit 2026 में स्टील सेक्टर के लिए व्यापक डिजिटल रोडमैप पेश किया। यह घोषणा राजधानी दिल्ली स्थित Bharat Mandapam में आयोजित शिखर सम्मेलन के दौरान की गई।

2035-36 तक 400 मिलियन टन क्षमता का target

मंत्रालय ने कहा कि भारत का लक्ष्य 2035-36 तक 400 मिलियन टन (MT) स्टील उत्पादन क्षमता हासिल करना है। हालांकि, इस उत्पादन में बढ़ोतरी में एआई (AI) को  मशीन लर्निंग, प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स, ऑटोमेशन और डेटा-ड्रिवन डिसीजन मेकिंग को पूरी वैल्यू चेन में शामिल किया जाएगा।

सरकार का मानना है कि भविष्य का स्टील इंडस्ट्री “स्मार्ट स्टील” मॉडल पर आधारित होगा, जहां माइनिंग से लेकर फिनिश्ड प्रोडक्ट तक हर चरण में डिजिटल समाधान लागू किए जाएंगे।

एआई से लागत कम और उत्पादकता में बढ़ोतरी

डिजिटल रोडमैप के प्रमुख प्वाइंट्स:

स्मार्ट माइनिंग और लॉजिस्टिक्स ऑप्टिमाइजेशन

प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस के जरिए प्लांट डाउनटाइम में कमी

एनर्जी एफिशिएंसी बढ़ाने के लिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग

कार्बन एमिशन ट्रैकिंग और ग्रीन स्टील पहल

सप्लाई चेन विजिबिलिटी और डिजिटल ट्विन टेक्नोलॉजी

विशेषज्ञों का मानना है कि एआई आधारित मॉनिटरिंग से उत्पादन लागत 5-10% तक घटाई जा सकती है, जबकि ऊर्जा खपत और कार्बन उत्सर्जन में भी उल्लेखनीय कमी संभव है।

एनर्जी सेक्टर पर बड़ा असर

इस डिजिटल परिवर्तन का सीधा असर एनर्जी सेक्टर पर भी पड़ेगा। स्टील उत्पादन देश की कुल औद्योगिक ऊर्जा इस्तेमाल का बड़ा हिस्सा है। यदि एआई आधारित सिस्टम ऊर्जा के इस्तेमाल को कम करते हैं, तो यह पावर डिमांड मैनेजमेंट, गैस खपत और कोल उपयोग को अधिक बेहतर बना सकता है।

ग्रीन एनर्जी इंटीग्रेशन, हाइड्रोजन-आधारित स्टीलमेकिंग और इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (EAF) टेक्नोलॉजी जैसे विकल्पों को भी डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय कंपीटिशन में बढ़त

भारत दुनिया के प्रमुख स्टील उत्पादक देशों में शामिल है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा अब केवल मात्रा से नहीं, बल्कि गुणवत्ता, कार्बन फुटप्रिंट और टेक्नोलॉजी अपनाने की क्षमता से तय होगी। मंत्रालय का यह डिजिटल रोडमैप ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ विजन को मजबूती देता है। एआई-आधारित आधुनिकीकरण से भारतीय स्टील कंपनियां वैश्विक सप्लाई चेन में अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकेंगी।

India AI Impact Summit 2026 में पेश किया गया यह रोडमैप संकेत देता है कि भारत का इस्पात उद्योग अब केवल विस्तार की राह पर नहीं, बल्कि इंटेलिजेंट और सस्टेनेबल ग्रोथ मॉडल की ओर बढ़ रहा है। 400 एमटी क्षमता लक्ष्य को हासिल करने के लिए तकनीक, डेटा और ऊर्जा दक्षता को केंद्र में रखकर भारत वैश्विक स्टील मानचित्र पर नई पहचान बनाने की तैयारी में है।

By Aman

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