IEW2026 poster in Goa
IEW2026 poster in Goa

भारत दुनिया का सबसे बड़े एनर्जी आयातक देशों में से एक है, लेकिन सरकार ने भारत के कंज्मशन को ही अपनी ताकत बना लिया है। इसी वजह से दुनियाभर के एनर्जी उत्पादक से तकनीकी कंपनियां अब भारत के एनर्जी शो यानि इंडिया एनर्जी वीक में हिस्सा लेने पहुंचती है। पिछले साल भी इस शो में जहां दुनिया की प्रमुख एनर्जी कंपनियों के 100 से ज्य़ादा सीईओ पहुंचे थे, वहीं 700 से ज्य़ादा कंपनियों ने इस शो में हिस्सेदारी की थी। 27 जनवरी से गोवा में शुरु होने जा रहे इस शो में इस साल भी दुनिया के प्रमुख एनर्जी पॉलिसी मेकर्स के साथ साथ कंपनियां पहुंच रही हैं।

भारत को बड़ा फायदा

इंडिया एनर्जी वीक (IEW) के जरिए भारत अब ऊर्जा क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करने लगा है, बड़ी बड़ी कंपनियां भारत में काम करना चाहती हैं और इसके लिए वो इस एनर्जी मेले में अपने साथियों का तलाश करती है। यह एनर्जी मेला वैश्विक साझेदारियों को बढ़ावा देने और इनोवेशन को प्रदर्शित करने का प्रमुख मंच प्रदान कर रहा है। इससे भारतीय कंपनियों को दुनिया की बड़ी तकनीकों को देखने और उनको बनाने वालों से मिलने का मौका मिलता है। इस साथ साथ यह आयोजन ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करता है, आर्थिक विकास को गति देता है और डीकार्बोनाइजेशन लक्ष्यों को प्राप्त करने में भी मदद करता है।निवेश और सौदे

IEW के माध्यम से भारत को बड़े निवेश प्रतिबद्धताएं मिलती हैं, जैसे 2025 में FDI में 73% की वृद्धि होकर यह $47 बिलियन तक पहुंच गया था। पिछले आयोजनों में ADNOC के साथ LNG अनुबंध, ONGC-BP साझेदारी और नेपाल को पहला LNG निर्यात समझौता जैसे MoU साइन हुए, जो आपूर्ति श्रृंखला मजबूत करते हैं। बड़ी बात यह है कि इस बार भारतीय कंपनियां पिछले सभी आयोजनों के मुकाबले ज्य़ादा समझौते करने जा रही हैं, इससे भारतीय कंपनियों का कारोबार बढ़ने जा रहा है।

साझेदारियां और इनोवेशन

इस शो में दुनिया के प्रमुख एनर्जी नीति निर्माता आते हैं, इस बार इस मेले में 700 से ज्य़ादा प्रदर्शक तो रहेंगे ही साथ ही 500 से ज्य़ादा विशेषज्ञ भी इसमें आएंगे। जिससे हाइड्रोजन, रिन्यूएबल्स, न्यूक्लियर और बायोफ्यूल्स में सहयोग बढ़ता है। स्टार्टअप चैलेंज जैसे अविन्या’25 से CO₂ कैप्चर और माइक्रोग्रिड तकनीकों को बढ़ावा मिलता है, आत्मनिर्भर भारत को सपोर्ट करता है।ऊर्जा सुरक्षा व लक्ष्यभारत के 500 GW रिन्यूएबल क्षमता, ग्रीन हाइड्रोजन और नेट जीरो 2070 लक्ष्यों को गति मिलती है, जिसमें नीति सुधार और 10 लाख वर्ग किमी क्षेत्रों का खुलासा निवेशकों को आकर्षित करता है। PM मोदी के साथ CEOs की बैठकें रणनीतिक साझेदारियां बनाती हैं।

चौथा एनर्जी वीक शुरु

भारत ने अब तक तीन इंडिया एनर्जी वीक (IEW) आयोजित कर चुके हैं: पहला 2023 में, दूसरा 2024 (फरवरी 6-9, गोवा) में और तीसरा 2025 (फरवरी 11-14, नई दिल्ली) में। 2026 का चौथा संस्करण आज (26 जनवरी 2026) से गोवा में शुरू हो रहा है।

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