India has launched the Production Linked Incentive (PLI) Scheme 1.2 for Specialty Steel to boost high-value steel manufacturing, reduce import dependence, and strengthen domestic capacity in advanced steel segments under the Make in India initiative.
नई दिल्ली: । सरकार ने स्टील सेक्टर के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड स्कीम 1.2 की ना सिर्फ घोषणा की है, बल्कि इसके लिए कई कंपनियों के साथ एमओयू भी साइन कर लिए हैं। राजधानी दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में उद्योग जगत की भागीदारी के साथ एमओयू (MoU) हस्ताक्षर भी हुए।
एमओयू हस्ताक्षर समारोह के बाद केंद्रीय इस्पात एवं भारी उद्योग मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने कहा कि PLI 1.2 भारत में एक मजबूत और वैश्विक प्रतिस्पर्धी स्पेशियलिटी स्टील इकोसिस्टम बनाने की दिशा में निर्णायक कदम है। उन्होंने बताया कि यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ विजन के अनुरूप है, जो देश में उन्नत और रणनीतिक स्टील उत्पादों की घरेलू क्षमता निर्माण को प्रोत्साहित करती है।
85 MoU, ₹11,887 करोड़ का निवेश
PLI Scheme 1.2 के तहत 55 कंपनियों के साथ कुल 85 एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिनके माध्यम से ₹11,887 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं से वित्त वर्ष 2031 तक 8.7 मिलियन टन स्पेशियलिटी स्टील क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। इससे भारत की क्षमताएं इलेक्ट्रिकल स्टील, एलॉय और स्टेनलेस स्टील, कोटेड उत्पादों तथा ऑटोमोबाइल, रेलवे, रक्षा, इलेक्ट्रिकल उपकरण और एयरोस्पेस जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में उपयोग होने वाले उच्च ग्रेड स्टील में मजबूत होंगी।
4% से 15% तक प्रोत्साहन
इस योजना के तीसरे चरण को उद्योग की मांग और निरंतर क्षमता विस्तार की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए शुरू किया गया है। पांच वर्षों की अवधि में 4% से 15% तक के प्रोत्साहन (Incentive) के माध्यम से यह योजना निवेश, तकनीकी उन्नयन और वैल्यू एडिशन को बढ़ावा देगी। साथ ही भारतीय निर्माताओं को वैश्विक वैल्यू चेन से जोड़ने में मदद करेगी।
मंत्री ने कहा कि PLI 1.2 घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देकर विदेशी मुद्रा की बचत करेगा और भारत को उन्नत स्टील का विश्वसनीय वैश्विक आपूर्तिकर्ता बनाएगा। उन्होंने बताया कि PLI 1.0 और 1.1 के तहत ₹43,874 करोड़ के निवेश ने पहले ही जमीन पर ठोस प्रगति और रोजगार सृजन को गति दी है। PLI 1.2 इसी गति को आगे बढ़ाते हुए स्टील वैल्यू चेन को और सुदृढ़ करेगा।
अपने संबोधन के अंत में मंत्री कुमारस्वामी ने उद्योगों से समयबद्ध तरीके से परियोजनाओं को लागू करने और स्वदेशी तकनीकों के अधिकतम उपयोग का आह्वान किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार परिचालन संबंधी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। PLI Scheme 1.2 को भारत के स्पेशियलिटी स्टील सेक्टर को वैश्विक हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण नीति पहल माना जा रहा है।
