GAIL (India) Limited lays foundation stone for its state-of-the-art R&D Centre at IMT Sohna, Haryana. The 30-acre innovation hub will focus on natural gas, CO₂ valorisation, petrochemicals, renewables, biotechnology and advanced energy solutions.
नई दिल्ली, 26 फरवरी 2026। देश की अग्रणी गैस कंपनी GAIL (India) Limited ने हरियाणा के सोहना स्थित सेक्टर-22, इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (IMT) में अपने अत्याधुनिक अनुसंधान एवं विकास (R&D) केंद्र की आधारशिला रख दी। इस अवसर पर कंपनी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक Sandeep Kumar Gupta ने शिलान्यास किया। कार्यक्रम में निदेशक (बिजनेस डेवलपमेंट) Rajeev Kumar Singhal तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
30 एकड़ में फैला होगा भविष्य का इनोवेशन हब
करीब 30 एकड़ भूमि पर विकसित होने वाला यह R&D सेंटर 85,000 वर्ग मीटर में फैला एक अत्याधुनिक, भविष्य-उन्मुख इनोवेशन हब होगा। इसका उद्देश्य GAIL के कोर बिजनेस के साथ-साथ उभरते स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy) क्षेत्रों में तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करना है।
यह केंद्र विश्वस्तरीय लैब इंफ्रास्ट्रक्चर और एडवांस्ड पायलट-स्केल सुविधाओं से लैस होगा, जो प्रयोगशाला अनुसंधान और फील्ड डिप्लॉयमेंट के बीच की दूरी को कम करेगा।
सात प्रमुख रिसर्च वर्टिकल्स पर फोकस
नए R&D सेंटर में निम्नलिखित सात प्रमुख शोध क्षेत्रों पर कार्य किया जाएगा:
- नेचुरल गैस पाइपलाइन इंटीग्रिटी एवं एसेट मैनेजमेंट
- नेचुरल गैस एप्लीकेशंस एवं NG/CO₂ वैलोराइजेशन
- पेट्रोकेमिकल्स एवं पॉलिमर्स
- रिन्यूएबल एनर्जी
- बायोटेक्नोलॉजी
- नैनोटेक्नोलॉजी
- एडवांस्ड एनालिटिकल साइंसेज
इन क्षेत्रों में अनुसंधान के माध्यम से गैस ट्रांसमिशन, पॉलिमर विकास, कार्बन उपयोग और हरित ऊर्जा समाधान को नई दिशा मिलेगी।
अत्याधुनिक पायलट सुविधाएं होंगी उपलब्ध
केंद्र में क्लोज्ड-लूप पाइपलाइन टेस्टिंग सिस्टम, लीनियर पुल-थ्रू रिग्स और पॉलिमर डेवलपमेंट व NG/CO₂ वैलोराइजेशन के लिए पायलट रिएक्टर्स जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं स्थापित की जाएंगी। इससे नई प्रक्रियाओं, सामग्रियों और पाइपलाइन टेक्नोलॉजी का परीक्षण उद्योग-मानक परिस्थितियों में संभव होगा।
ऊर्जा ट्रांजिशन में निभाएगा अहम रोल
GAIL का यह R&D सेंटर स्वदेशी तकनीक विकास को बढ़ावा देगा और अकादमिक संस्थानों व स्टार्टअप्स के साथ सहयोग को मजबूत करेगा। यह केंद्र भारत की ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) यात्रा को गति देने में अहम भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम के दौरान कंपनी ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन के अनुरूप नवाचार-आधारित विकास को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई। ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत को गैस, पेट्रोकेमिकल्स और स्वच्छ ऊर्जा अनुसंधान में वैश्विक प्रतिस्पर्धा के स्तर पर ले जाने में सहायक होगा।
