Deepak Gupta assumes charge as Chairman & Managing Director of GAIL (India) Limited. With over 35 years of experience across the oil & gas value chain, he will lead GAIL’s natural gas, LPG pipeline expansion, green energy initiatives, and digital transformation efforts.
भारत की अग्रणी ऊर्जा कंपनी GAIL (India) Limited में आज दीपक गुप्ता ने चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (CMD) का पदभार संभाल लिया। ऊर्जा क्षेत्र में तीन दशकों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले गुप्ता के नेतृत्व में कंपनी को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
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दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले श्री गुप्ता के पास तेल एवं गैस वैल्यू चेन में 35 वर्षों से अधिक का विविध अनुभव है। उनकी विशेषज्ञता प्रोजेक्ट एवं कंस्ट्रक्शन मैनेजमेंट, कॉन्ट्रैक्ट्स एवं ग्लोबल प्रोक्योरमेंट, टेक्नोलॉजी चयन, बिजनेस डेवलपमेंट, ऑपरेशंस एवं मेंटेनेंस जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में रही है।
श्री गुप्ता फरवरी 2022 में GAIL में निदेशक (प्रोजेक्ट्स) के रूप में शामिल हुए थे। उनके नेतृत्व में प्राकृतिक गैस एवं एलपीजी पाइपलाइन, गैस प्रोसेसिंग यूनिट, महत्वपूर्ण SCADA इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रीन एनर्जी पहलों से जुड़े कई उच्च-प्रभावी प्रोजेक्ट्स का सफल क्रियान्वयन हुआ। वे 20,000 किलोमीटर से अधिक लंबे प्राकृतिक गैस एवं एलपीजी पाइपलाइन नेटवर्क, कंप्रेसर स्टेशनों और प्रोसेस प्लांट्स के संचालन एवं रखरखाव की जिम्मेदारी भी संभालते रहे हैं।
उनके मार्गदर्शन में कोंकण एलएनजी लिमिटेड (GAIL की सहायक कंपनी) का दाभोल ब्रेकवॉटर प्रोजेक्ट पूरा हुआ, जिससे सभी मौसमों में संचालन संभव हो सका। उन्होंने डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पहलों को भी आगे बढ़ाया, जिससे परिचालन दक्षता और पारदर्शिता में उल्लेखनीय सुधार हुआ।
श्री गुप्ता GAIL के संयुक्त उपक्रमों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। वे तालचर फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (देश का पहला कोल गैसीफिकेशन आधारित उर्वरक संयंत्र) के चेयरमैन, ओएनजीसी पेट्रो-एडिशंस लिमिटेड (OPaL) और साउथ-ईस्ट एशिया गैस पाइपलाइन कंपनी लिमिटेड (SEAGP) के निदेशक रह चुके हैं। इसके अलावा वे ग्रीन गैस लिमिटेड और महाराष्ट्र नेचुरल गैस लिमिटेड के पूर्व चेयरमैन भी रहे हैं।
इससे पहले इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (EIL) में 32 वर्षों के करियर के दौरान उन्होंने नाइजीरिया की दुनिया की सबसे बड़ी सिंगल-ट्रेन डांगोटे रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स, बठिंडा स्थित HMEL मेगा पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स और GAIL के पाटा पेट्रोकेमिकल विस्तार जैसे कई प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट्स का नेतृत्व किया। उन्होंने मंगोलिया में पहले ग्रीनफील्ड रिफाइनरी प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर भारत की वैश्विक ऊर्जा कूटनीति को भी मजबूती दी।
विचारशील नेतृत्व और तकनीकी लेखन के लिए प्रसिद्ध गुप्ता ने परियोजना प्रबंधन, डिजिटलीकरण और तेज निष्पादन पर कई शोधपत्र और लेख लिखे हैं, जिन्हें संस्थागत स्तर पर सर्वोत्तम प्रथाओं के रूप में अपनाया गया है।
