Hardeep Singh Puri at IEW 2026 in ONGC, GOA
Hardeep Singh Puri at IEW 2026 in ONGC, GOA

भारत में ग्रीन हाइड्रोजन की कीमतें तेजी से घट रही हैं। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इंडिया एनर्जी वीक 2026 में कहा कि हाइड्रोजन कीमतों में भारी कमी हुई है। ग्रीन हाइड्रोजन की शुरुआती कीमत वैश्विक स्तर पर 5.4 डॉलर प्रति किलोग्राम थी। लेकिन हाल ही में जो टेंडर्स जारी किए गए हैं, उनमें इसकी कीमतें 3-4 डॉलर प्रति किलोग्राम तक आ गई है। दरअसल सरकार ग्रीन हाईड्रोजन को काफी प्रमोट कर रही है, इसी वजह से इसकी कीमतें पहले के मुकाबले काफी कम हो गई हैं।
जानकारी के मुताबकिक ग्रीन हाईड्रोजन की कीमतें पहले यह 5.5 डॉलर प्रति किग्रा थी, जो अब IOCL पानीपत, BPCL और HPCL की टेंडर्स में 4.4-4.5 डॉलर प्रति किग्रा तक पहुंच गई। इससे पहले $5.5/kg से $4.4/kg तक 1 डॉलर/kg की गिरावट आई है।
गोवा में इंडिया एनर्जी वीक में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह कमी पॉलिसी , इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री की भागीदारी से संभव हुई। पुरी ने कहा, “जब हमने शुरुआत की, सबसे सस्ता ग्रीन हाइड्रोजन 5.4 डॉलर/kg था… अब टेंडर्स से 3-4 डॉलर/kg तक लाए हैं।”
उन्होंने कहा कि अगर यह कीमतें 2-2.5 डॉलर/kg पर पहुंच जाएगी तो आम लोग इसे अपनाने लगेंगे। अगर ऐसा हो जाता है तो 150 अरब डॉलर के एनर्जी आयात बिल में काफी बचत हो जाएगी।
पुरी ने पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा कि एक कंपनी ग्रीन अमोनिया 51,000 रुपये प्रति टन (वैश्विक न्यूनतम) पर सप्लाई कर रही है। 2030 तक 5 मिलियन टन उत्पादन लक्ष्य रखा गया है।

प्रभाव और भविष्य

दरअसल यह कमी नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के PLI स्कीम (19,700 करोड़) से संभव हुई, जो इलेक्ट्रोलाइजर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दे रही। एक अनुमान के मुताबिक, कीमतें 2032 तक 2 डॉलर/kg तक गिर सकती हैं, जिससे स्टील, सीमेंट और रिफाइनरी में ग्रीन हाइड्रोजन का इस्तेमाल शुरु हो जाएगा। पुरी ने जोर दिया कि भारत सीधे ग्रीन हाइड्रोजन पर जा रहा, जोकि ग्रीन एनर्जी के मामले में भारत को लीडरशिप दिलवाएगा।

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