भारत एनर्जी के सेक्टर में विश्वस्तर पर अब एक बड़ा नाम बन चुका है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि पिछले कुछ सालों में एनर्जी सेक्टर के लिए बहुत बड़े काम हुए हैं। 2023 में जहां इस इवेंट में 30 हज़ार कंपनियों ने हिस्सेदारी की थी, वहां अब यह बढ़कर 75 हज़ार तक पहुंच गई हैं।
गोवा में होने जा रहे इंडिया एनर्जी वीक से पहले केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह इवेंट 27-30 जनवरी को गोवा में आयोजित होगा, जिसमें 75,000 से अधिक प्रतिनिधि, 600+ प्रदर्शक और 17 विदेशी मंत्री भाग लेंगे।
मुख्य घोषणाएं
उन्होंने बताया कि IEW 2026 में मेक इन इंडिया पैवेलियन होगा, इसमें 11 देशों के पवेलियन (जापान, अमेरिका आदि), न्यूक्लियर एनर्जी जोन और सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल जोन शामिल होंगे। कई MoU साइन होंगे, जैसे ONGC का शिपबिल्डिंग कॉन्ट्रैक्ट, BPCL-Petrobras क्रूड ऑयल डील और NRL-TotalEnergies का SAF प्रोजेक्ट। नॉलेज प्रोडक्ट्स लॉन्च होंगे, जैसे बायोफ्यूल फाइनेंसिंग व्हाइट पेपर और इंडिया बायोएनर्जी आउटलुक 2030।
प्रमुख टिप्पणियां
रूस से तेल आयात पर सवालों के जवाब में कहा कि देश अपनी रणनीतियां प्रेस कांफ्रेंस में नहीं बताते। उन्होंने ऊर्जा बाजारों की स्थिरता, सप्लाई डाइवर्सिफिकेशन (ब्राजील, गयाना से) और SAF के लिए बायोमास की जरूरत पर जोर दिया। समुद्र मंथन पहल के तहत घरेलू एक्सप्लोरेशन तेज होगा।
इवेंट का महत्व
यह भारत को ग्लोबल एनर्जी हब के रूप में स्थापित करेगा, जहां एनर्जी सिक्योरिटी, ग्रोथ और सस्टेनेबिलिटी का बैलेंस होगा। पीएम मोदी के साथ CEOs का राउंडटेबल और साइड इवेंट्स जैसे इंडिया-अरब एनर्जी डायलॉग भी होंगे।
