नई दिल्ली। अडाणी पोर्ट के मैनेजिंग डायरेक्टर करण अडाणी (Karan Adani, managing director of Adani Ports and SEZ Ltd) ने वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन (कच्छ-सौराष्ट्र) में गुजरात को विकास का इंजन बताते हुए आगामी 5 वर्षों में कच्छ क्षेत्र में 1.5 लाख करोड़ रुपये निवेश की घोषणा की। यह निवेश ऊर्जा, बंदरगाह और रिन्यूवेबल एनर्जी के क्षेत्र में किया जाएगा।
कार्यक्रम का महत्व
प्रधानमंत्री मोदी ने सौराष्ट्र सम्मेलन का उद्घाटन किया, जहां मुकेश अंबानी और करण अडाणी ने निवेश की घोषणा की है। यह सम्मेलन वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट का हिस्सा है, जो विकसित भारत 2047 के विजन को मजबूत करने पर जोर देता है। करण ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व क्षमता की सराहना भी की। उन्होंने गुजरात को विकेंद्रीकृत विकास का मॉडल बताया।
मोदी नेतृत्व पर प्रशंसा
करण अडाणी ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत में स्केल और माइंडसेट दोनों का परिवर्तन हुआ है। उन्होंने लॉन्ग टर्म थिंकिंग, संस्थागत निर्माण और विकास को प्रोजेक्ट्स की बजाय प्रक्रिया मानने की सीख दी। उन्होंने कहा कि सहकारी संघवाद ने राज्यों को ग्रोथ इंजन बना दिया, गुजरात इसका प्रमुख उदाहरण है।
कच्छ में निवेश योजनाएं
अडाणी ग्रुप कच्छ में मुदरा पोर्ट को अडाणी समूह की कर्मभूमि बताया, उन्होंने कहा कि समूह इस क्षेत्र को देश का सबसे बड़ा ऊर्जा हब बनाएगा। करण ने बताया कि मुंद्रा बंदरगाह क्षमता दोगुनी होगी और खावड़ा प्रोजेक्ट में 37 गीगावाट क्षमता 2030 तक चालू होगी। मुंद्रा को सोलर मैन्युफैक्चरिंग का केंद्र बनाया जाएगा।
ऊर्जा क्षेत्र में गुजरात की भूमिका
करण अडाणी ने कहा कि गुजरात राष्ट्र के ऊर्जा क्षेत्र का इस समय नेतृत्व कर रहा है। अडाणी ने रोजगार सृजन, औद्योगिक प्रतिस्पर्धिता, स्थिरता और लॉन्ग टर्म रेजिलिएंस पर फोकस किया। उन्होंने कहा कि गुजरात आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक बनेगा, जहां उद्यमिता और समावेशिता का संगम है।
भविष्य की दृष्टि
करण ने कहा कि विकसित भारत 2047 की ओर बढ़ते हुए गुजरात इस राष्ट्रीय परिवर्तन का आधारस्तंभ रहेगा। अडाणी ग्रुप गुजरात के विकास में विश्वसनीय भागीदार बनेगा। यह निवेश स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा और वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करेगा
